CHAPTER 02

दिन के बीच में चलना क्यों उपयोगी आदत है

अगर दिन का बड़ा हिस्सा स्क्रीन के सामने जाता है, तो लंबा वर्कआउट ही एकमात्र विकल्प नहीं है। छोटे वॉक-ब्रेक भी दिन को अलग हिस्सों में बाँट सकते हैं।

इंडिया गेट के आसपास खुला हरा क्षेत्र
खुली जगह में चलना रोज़मर्रा की गतिविधि का सरल रूप है।

चलना कब सबसे आसान होता है?

काम शुरू होने से पहले, दोपहर के भोजन के बाद या शाम को घर लौटने के बाद। सही समय वही है जो बार-बार संभव हो। अगर किसी दिन 30 मिनट नहीं मिलते, तो 10 मिनट के दो छोटे ब्रेक भी उपयोगी दिनचर्या बन सकते हैं।

चलने को याद कैसे रखें?

किसी मौजूदा आदत के साथ जोड़ें। उदाहरण के लिए, चाय के बाद पाँच मिनट बाहर, फोन कॉल के दौरान खड़े होकर चलना, या लिफ्ट की जगह एक-दो मंज़िल सीढ़ियाँ।

शहर में लचीलापन

दिल्ली में मौसम और यातायात हमेशा अनुकूल नहीं होते। इसलिए घर के भीतर चलना, सीढ़ियाँ या किसी ढके हुए स्थान में छोटा चक्कर भी विकल्प हो सकता है।